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Showing posts from January, 2012

बोटातला स्पर्श

बोटातला स्पर्श 
हर्ष अंगोपांगी  नको तेही सांगी.....
सांगताना थोडा  डोळ्यांना थरारा वाटा सैराभैरा.....
सैरभैर साऱ्या   समुद्राच्या लाटा  आभाळाच्या काठा.....
काठावरी गर्द  पेटलेला जाळ चांदणे नितळ.....
: पानझड : ना धों महानोर.

तुझ्या वाटेला ओले डोळे

तुझ्या वाटेला ओले डोळे  सुकून गेले पाणमळे 
सजणासाठी सजून कोणी  गाते पक्षिणी  गीत निळे  सुकून गेले पाणमळे 
राहू मैनेचे पंख पंखात  हिरव्या झाडीत  मनचळे..... सुकून गेले पाणमळे 
जुन्या झाडाला हालता झुला  ओला गलबला  तुझ्यामुळे..... सुकून गेले पाणमळे 
तुझ्या वाटेला ओले डोळे  सुकून गेले पाणमळे 
: पानझड  : ना धों  महानोर

इथे झाडत निजलेल्या

इथे झाडत निजलेल्या 
पाखरा नाव न गाव  निरागस पावलांसाठी  नियतीचा पांगळा डाव.....
गलबला काळजामधला  कहाणी चिंब भिजलेली  कुठे देऊळ नसताना  प्रार्थना दाटून आली ......
:पानझड : ना धों  महानोर

ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा

ज़िंदगी यूँ हुई बसर तन्हा
क़ाफिला साथ और सफर तन्हा

अपने साये से चौंक जाते हैं
उम्र गुज़री है इस कदर तन्हा

रात भर बोलते हैं सन्नाटे
रात काटे कोई किधर तन्हा

दिन गुज़रता नहीं है लोगों में
रात होती नहीं बसर तन्हा

हमने दरवाज़े तक तो देखा था
फिर न जाने गए किधर तन्हा

फराज

तुझे फुरसत हि नही मिली पढने कि फराज  हम तेरे शेहेर में बिकते रहे किताबोन्की तरह

फराज

उसने मुझे छोड दिया तो क्या हुवा फराज  मैने भी तो छोडा था सारा जहा उसके लिये 

फराज

शायद तू कभी प्यासा मेरी तरफ लौट आये फराज 
आखोंमे लिये फिरता हुं दर्या तेरी खातीर

फराज

भला हाथोंकी लकीरेभी कही मिटती है फराज 
कितना पागल है मेरा नाम मिटानेवाला

फराज

वो रोज देखता है डूबते हुवे सुरज को फराज 
काश मै भी किसी शाम का मंजर होता !!!!

फराज

सुना है जिंदगी इम्तिहान लेती है फराज 
पर यहा तो इम्तीहांने जिंदगी ले ली

फराज

मिली जो सजा मुझे वो किसी खतापे  न थी फराज 
मुझपे जुर्म जो साबित हुवा  वो वफा का था

फराज

उन्गलीया तुट गई पथ्थर तराशते तराशते फराज  और जब बनी सुरत-ए -यार तो खरीतदार आ गये 

फराज

इन बारीशोन्से दोस्ती अच्छी नही फराज  कच्चा मकान है तेरा कुछ युं खयाल कर  

फराज

अब निंदसे कहो हमसे सुलाह करले फराज 
वो दूर चला गया है जिस के लिये हम जगा करते थे

फराज

मै उसका हुं, ये राज तू जो जान गया है फराज  वो किसका है? ये सवाल मुझे सुनाई नही देता!!! 

मोमीन

नारसाई से दम रुके तो रुके
मैं किसी से ख़फा नहीं होता
If lack of access kills me, let it
I don't (ever) take offence at anyone


:मोमीन

मीर

बाद मरने के मेरी कब्र पे आया वो मीर याद आई मेरे ईसा को दवा मेरे बाद
After my death she came to my grave, O Meer My Jesus remembered (my) cure, after me!