Monday, October 30, 2017

गंध

हिरव्याशा गवतात 
    हळदिवी फुले ,
हलकेच केसरांत 
    दूध भरू आले . 

उभ्या उभ्या शेतांमध्ये 
    सर कोसळली 
केवड्याची सोनफडा 
    गंधें ओथंबली . 

बकुळीच्या आसपास 
    गंधवती माती , 
उस्कटून रानपक्षी 
    काही शोधिताती . 

: गंध 
: जोगवा 
: आरती प्रभू 


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