Tuesday, March 12, 2013

का कळते


गगनाचा एक वेध ,
पाण्याचे गडद मौन ,
वाऱ्याचे अधिरेपण ...
          का कळते--------
हें असले का कळते ...
जीवाचा करून धूप 
          तुजभवती घमघमते---------
हें असले का कळते ...

:का कळते 
: मेंदी 
: इंदिरा संत 


No comments:

Post a Comment